अधीर रंजन चौधरी लगभग 30 साल बाद विधानसभा में कांग्रेस के उम्मीदवार बनने जा रहे हैं। इसकी अटकलें तो काफी समय से चल रही थीं, लेकिन अब अधीर रंजन चौधरी ने इसे लगभग मान लिया है। उन्होंने बताया कि पार्टी के हर बड़े नेता को चुनाव लड़ने के लिए कहा गया है। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अगर पार्टी उन्हें जिम्मेदारी देती है, तो वे विधानसभा में कांग्रेस से उम्मीदवार होंगे। सूत्र के अनुसार कांग्रेस उन्हें मुर्शिदाबाद जिले की बहरामपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा सकती है।
इस बारे में तृणमूल कांग्रेस के जॉय प्रकाश मजूमदार ने मजाक उड़ाते हुए कहा कि वे राजनीति से रिटायर हो चुके हैं और अगर वे उम्मीदवार होते हैं, तो बीजेपी का पैसा उनके पीछे होगा।
2024 में लोकसभा चुनाव हारे थे अधीर रंजन चौधरी
अधीर रंजन चौधरी ने आखिरी चुनाव 2024 में लड़ा था। बहरामपुर लोकसभा सीट से उन्हें टीएमसी के यूसुफ पठान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। वह लगभग 85 हजार वोट के अंतर से हारे थे। इससे पहले वह इसी सीट से लगातार 5 बार सांसद बने थे। 1999 से 2024 तक लगातार सांसद रहने के बाद वह हारे हैं और अब लगभग दो साल बाद वह विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।
1996 में आखिरी बार विधायक बने थे
अधीर रंजन चौधरी ने आखिरी बार बहरामपुर सीट से ही 1996 में विधानसभा चुनाव लड़ा था। उन्हें इस चुनाव में जीत मिली थी। हालांकि, अपना कार्यकाल पूरा करने से पहले ही वह यहीं से सांसद बन गए और बंगाल की राजनीति से अलग होकर केंद्र की राजनीति का हिस्सा बन गए। अब लगभग 30 साल बाद वह वापस लौटे हैं। उन्होंने संकेत दिए हैं कि कांग्रेस के अन्य बड़े नेता भी विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।
सुब्रत मित्रा से हो सकता है मुकाबला
अगर कांग्रेस अधीर रंजन चौधरी को उम्मीदवार बनाती है और उन्हें बेहरामपुर सीट से टिकट दिया जाता है तो उनका मुकाबला बीजेपी के सुब्रत मित्रा से हो सकता है।
यह भी पढ़ें-